about a brahma temple pushkar and savitri temple pushkar in hindi

पुष्‍कर का ब्रह्मा मंदिर

भगवान तो सर्वशक्तिमान होते हैं, जिनके आगे किसी की नहीं चलती है. लेकिन कई बार ऐसे मौके भी आए, जब भगवान को भी झुकने लिए मजबूर होना पड़ा. उन्‍हें भी हाथ जोड़कर करनी पड़ी प्रार्थना, तब जाकर उनके जीवन में खुशियां लौटीं.

सृष्टि की रचना परमपिता ब्रह्मा ने की, यह तो सभी जानते हैं. लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि एक बार ब्रह्मा से भी भारी भूल हो गई थी. एक ऐसी भूल, जिससे उनकी पत्नी न सिर्फ उनसे रूठ गईं, बल्कि हमेशा-हमेशा के लिए उनका साथ भी छोड़ गईं. यही नहीं, पत्नी के गुस्से का ही यह परिणाम था कि आज सृष्टि की रचना करने वाले की पूजा सिर्फ पुष्कर में ही होती है.

दूर पहाड़ों की चोटी पर विराजती हैं सावित्री, परमपिता ब्रह्मा की अर्द्धांगिनी सावित्री. लेकिन यहां सावित्री रूठी हुई हैं, नाराज हैं. यही वजह है कि ब्रह्मा के मंदिर से बिल्कुल अलग-थलग उन्होंने पहाड़ पर अपना बसेरा बनाया हुआ है. आप सोच रहे होंगे कि सावित्री आखिर किस बात पर ब्रह्मा से नाराज हैं? क्यों वे अपने पति से अलग मंदिर में विराजती हैं?

इस सवाल का जवाब छुपा है पुष्कर के मंदिर में. यह मंदिर न सिर्फ ब्रह्मा और सावित्री के बीच दूरी बढ़ने की कहानी कहती है, बल्कि उन दोनों के रिश्ते टूटने के किस्से पर भी मुहर लगाती है. दरअसल, परमपिता ब्रह्मा और सावित्री के बीच दूरियां उस वक्त बढ़ीं, जब ब्रह्मा ने सृष्टि की रचना के लिए पुष्कर में यज्ञ का आयोजन किया. इस यज्ञ में पत्नी का बैठना जरूरी था, लेकिन सावित्री को पहुंचने में देरी हो गई.

पुष्‍कर का सावित्री  मंदिर

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