राजपुरोहित नैतड

राजपुरोहित समाज में महान विभूतियों का अवतरण हुआ राजपुरोहित समाज में कई महान विभूतियों का अवतरण हुआ, जिसमें होदड जी ज्योतिष भी हैं। होदड जी राजपुरोहित समाज के नैतड (नैतरोड) गोत्र में जन्म हुआ था। इसका जन्म स्थान राजस्थान के बाडमेर जिले में चौहटन तहसील के पुराणे हदाऊ गाव से जाना जाता हैं। अब वह गाव नही है उसके वंशज विरात्रा माता मन्दिर के पास ढोक व सनाऊ गांव एंव मेडा पुरोहिता जैतपुर, डन्डाली नैतडो की ढाणी सहित कई गांव रहते हैं। होदड जी ज्योतिष आज से करीब 18 पीढी पहले अवतरण हुऐ थे। जिसके द्वारा किया गया इतिहास कार्य का वर्णन इस प्रकार हैं। गुजरात के सिंधपुर शहर में एक किले का निर्माण कराने की राजा ने एक योजना बनाई। उन्होनें कई विदवानों एंव पंडितो, शिल्पकारों सें किला बनाने का कार्य सोंपा, कई वर्षों तक किला बनाने का कार्य चलता रहा हैं। लेकिन वह किला पूर्ण न हो पा रहा था। किले में हर बार एक तरफ की दीवार टूट जाती थी। आखीर वहाँ सभी किले में कार्य करने में लगे शिल्पकारों,पंडि­तो एवं समस्त प्रजा को दुख होने लगा की किला पूर्ण क्यों नहीं हो रहा हैं। तब वहाँ के जानकार व्यक्त्ति ने कहाँ कि राजस्थान के चौहटन तहसील में विरात्रा माता मन्दिर के पास एक हदाऊ गांव आया हुआ हैं। वहाँ नैतड होदड जी रहते हैं। वह बडे ज्योतिष एवं शक्त्ति उपासक (वांकल माता) के हैं। वह ही यह कार्य पूर्ण करा सकते हैं। तब राजा ने अपना दूत होदड जी के पास भेजा, एवं होदड जी के पास पहुँचकर भेंट कर पूरी जानकारी दी, तब होदड जी ने कहा की मैं मां वांकल का आदेश हुआ तो चलूगा, नही तो नही चलूगा। रात्री में वांकल माता ने नींद में होदड जी को दिस्टाग हुआ कि आप जाओ तथा सिंधपुर किले का कार्य विधिपुर्वक शुरु करावें। तब होदड जी एंव राजा के दुत विरात्रा से रवाना होकर सिंधपुर पहुचें तथा शुभ मुर्हत देखकर वापिस नीव खुदाई तथा कहा कि इस नीव के निचे एक साप(नांग) है इस किले को पूर्ण नही होने दे रहा है अब मै इसको मेरे शास्त्रों के अनुसार इस नाग को किल से बन्द करा देता हू इस किल को वापीस कभी निकालना मत क्योंकि एक बार किल निकाल दी तो नाग वापस अपने कब्जे मे नही आयेगा तथा किला फिर फुट जायेगा इस प्रकार किला का निर्माण करवाया और किला पूरा हो गया ऐसे समाज के विभूतियों पर नाज है हम चाहते है कि राजपुरोहित समाज जिसमें नैतड जाति से ऐसे महान ज्योतिष पुरुष का इतिहास सग्रहित कर एवं विशाल सम्मेलन बुलाकर पुरी जानकारी समाज को उपलब्ध करावें आपका क्या सुझाव है फोन नं. 9414529481 पर या फेसबुक ओर मेल rajpurohitpeers­ingh@gmail.com पर आमंत्रीत हैं प्रेषक पीर सिंह सरपंचपुत्र ढोक

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